Sunday, March 1, 2009

ठण्ड को विदाई

दे रहा ठण्ड को विदाई
लोट रहा बरफ पर
गर्मी के आयेंगे दिन
यही सोच पटक रहा सर
इंसान भी क्या चीज़ बनाया भगवान् ने
तोड़ दिया हमारा घर
रख पिजरे मे होता खुश वो
तांडव से पार पा न सका मगर


पहले अंडा या मुर्गी जवाब है मुर्गी नही शतुरमुर्ग


Sunday, February 22, 2009

आसमान से धूमकेतु का रंग होली के दौर मे


हुआ मस्ताना सारा जहाँ
होली का हुआ आगाज़
अपना अपना तरीका है भाई
रंग देखने दिखाने का